सोते समय एस्पिरीन लेने से हृदयाघात का खतरा कम Reviewed by Momizat on . वाशिंगटन, एजेंसी। एक नए शोध के अनुसार सुबह की जगह रात को सोते समय एस्पिरीन लेने से नाजुक दिल की बीमारियां कम हो सकती है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार जिन लोग वाशिंगटन, एजेंसी। एक नए शोध के अनुसार सुबह की जगह रात को सोते समय एस्पिरीन लेने से नाजुक दिल की बीमारियां कम हो सकती है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार जिन लोग Rating: 0
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सोते समय एस्पिरीन लेने से हृदयाघात का खतरा कम

सोते समय एस्पिरीन लेने से हृदयाघात का खतरा कम

वाशिंगटन, एजेंसी। एक नए शोध के अनुसार सुबह की जगह रात को सोते समय एस्पिरीन लेने से नाजुक दिल की बीमारियां कम हो सकती है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार जिन लोगों को दिल की बीमारी का ज्यादा खतरा है, उन्हें बार-बार होने वाले दिल के दौरों को कम करने के लिए हर दिन सोते समय कम मात्रा में एस्पिरीन लेने की सलाह दी गई है।

एस्पिरीन खून को पतला करती है और थक्का बनने की संभावना कम करती है। सुबह के समय प्लेटलेट्स की गतिविधि प्रवृत्ति तेज होती है। डच शोधकर्ताओं ने दिल की बीमारियों से ग्रसित 290 रोगियों पर शोध किया जिसमें हर रोगी को दो से तीन महीनों तक जागते या सोते समय 100 मिलीग्राम एस्पिरीन दी गई। अंत में सभी की अवधि, रक्तचाप और प्लेटलेट्स गतिविधि मापी गई।

शोधकर्ताओं ने पाया कि रोगियों का रक्तचाप पहले की तरह ही है, लेकिन सोते समय एस्पिरीन लेने से वालों की प्लेटलेट्स गतिविधि कम हुई। लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर, नीदलैंड्स के टोबिअस बोंटेन ने एक बयान में कहा कि चूंकि उच्च प्लेटलेट्स गतिविधि से दिल के दौरों का खतरा ज्यादा होता है, तो जाहिर है कि सुबह की बजाय सोते समय एस्पिरीन के सेवन से दिल के उन हजारों मरीजों को फायदा हो सकता है, जो हर दिन एस्पिरीन लेते हैं।
स्रोत : जानो दुनिया डाट कॉम

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